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FOUNDATION OF STATIC AND ROTATING MACHINE AND IT'S DESIGN
स्टैटिक मशीन एंड रोटेटिंग मशीन का फाउंडेशन नीचे दर्शाये अनुसार बताया गया है
फाउंडेशन ऑफ़ स्टैटिक एंड रोटेटिंग मशीन
[ FOUNDATION OF STATIC AND ROTATING MACHINE ]
स्टैटिक मशीन का फाउंडेशन ( FOUNDATION OF STATIC MACHINE )
जिस प्रकार की मशीन या साधन एक जगह पर स्थिर रहे अथवा उसमे कोई भी भाग घूमता न हो
[ रोटेट न होता हो ] तो इस प्रकार के मशीन कोई स्टैटिक मशीन [ STATIC MACHINE ] कहते है
स्थायी मशीन [ STATIC MACHINE ] में ट्रांसफार्मर ,सर्किट ब्रेकर जैसे मशीनो का समावेश होता है
इस प्रकार का मशीन भाग रोटेट नहीं होता है
इस प्रकार के फाउंडेशन पर मशीनो को स्थायी भार लगता है
जिसमे फाउंडेशन की उचाई , तापमान ,बरसात , बाढ़ और जमीन प्रकार पर आधारित है
इस फाउंडेशन को बनाने में कंक्रीट के मिश्रण में 1 : 2 : 4 के प्रमाण पर होती है
इसमें यांत्रिक पावर को ट्रांसमिट नहीं किया जाता है इसलिए इसके फाउंडेशन पर खिचतनाव , जर्क और
वाइब्रेशन की मात्रा कम होती है
स्टैटिक मशीनों पर रेजोनेंस फ्रीक्वेंसी का कोई प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है
रोटेटिंग मशीन का फाउंडेशन ( FOUNDATION OF STATIC MACHINE )
चलित भार ( DYNAMIC LOAD ) से प्रकार के ऐसे मशीन भी है जो स्टैटिक है पर उसमे कोई भी भाग
रोटेट होता है उस मशीन को रोटेटरी मशीन [ ROTATRY MACHINE ] की तरह जाने जाते है
जिसमे टरबाइन , मोटर, जनरेटर ऐसी बहोत सी मशीने है
इस प्रकार के फाउंडेशन पर मशीनो को स्थायी भार ( STATIC LOAD ) के साथ-साथ
चलित भार ( DYNAMIC LOAD ) भी लगता है
जिसमे फाउंडेशन की उचाई, मशीन का वजन , मशीन घूमते भागो से जमीन के बीच का अंतर और
वाइब्रेशन वगैरह पर आधारित होता है
इस फाउंडेशन बनाने में कंक्रीट के मिश्रण में 1 : 1 . 5 : 3 के प्रमाण पर होती है
इसमें यांत्रिक पावर को ट्रांसमिट किया जाने से फाउंडेशन पर वाइब्रेशन , जर्क और खिचतनाव इत्यादि अधिक
होने की सम्भवना बढ़ जाती है
स्टैटिक मशीनों पर रेजोनेंस फ्रीक्वेंसी का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है
इलेक्ट्रिकल मशीन की फाउंडेशन की डिज़ाइन करते समय कौन - कौन सी बाते
ध्यान चाहिए
किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रिकल मशीन फाउंडेशन की डिज़ाइन समय नीचे दिए गए महत्वपूर्ण बातो देना चाहिए
[1] जमीन के वजन की प्रतिरोधक शक्ति { SHEAR RESISTANCE OF SOIL }
[2] सेटलमेंट { SETTLEMENT }
[3] कार्यकारी गति { RESONANCE }
[4] वाइब्रेशन { VIBRATION }
इंस्टालेशन के लिए जरूरी टूल्स / इंस्ट्रूमेंट [ TOOLS / INSTRUMENTS NECESSARY
INSTALLATION ]
इंस्टालेशन के कार्य के लिए दो प्रकारो की साधनो की जरूरत होती है प्रथम प्रकार के इक्विपमेंट में उठाकर
दूसरी जगह पर ले जाकर रखने वाले साधनो का समावेश होता है
दूसरी प्रकार में साधन को फाउंडेशन में रखने के बाद उसको अच्छे से फिट करने के लिए लेवल , एलाइनमेंट
चेक करने के लिए नीचे दिए गए साधनो का उपयोग होता है
[1] स्परिट लेवल [ SPIRIT LEVEL ]
[2] समकोण एंगल ( 90 एंगल ) [ TRY SQUARE ]
[3] स्पेनर - रेंचीज [ SPANNER-WRENCHES ]
[4] स्क्रू ड्राइवर [ SCREW DRIVER ]
इसके अलावा साधन के फाउंडेशन को इंस्टॉलेशन करने के लिए डायल गेज , फिलर गेज , रेडियस गेज
स्नेप गेज और डेप्थ गेज का उपयोग किया जाता है
साधनो को स्थापित ( फाउंडेशन ) करने से पहले किये जाने वाले परीक्षण
इक्विपमेंट को अनलोड करने के बाद उसका तुरंत फिजिकल परीक्षण करना बहोत जरूरी होता है
ट्रांजियेट के दौरान इक्विपमेंट को नुकशान तो हुआ नहीं उसे चेक करे
इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट की एडवाइस नॉट के प्रमाण चेक करना चाहिए की ट्रांजियंट के दौरान कोई वस्तु
छूट तो नहीं गई
विविध प्रकार के साधनो को इंस्पेक्शन के मुद्दे के हिसाब से अलग अलग होते है
जिसमे ट्रांसफार्मर , स्विच गियर , मोटर वगैरह के बारे में अलग से जानेंगे
पेक इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट को नमी वाली जगह पर अथवा बरसात की ऋतू में खुले में खोलना नहीं चाहिए
यदि उस इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट को खोलना हो तो मैन्युफैक्चरर के द्वारा सुचना दी गई हो तो उसका
पालन करना चाहिए
उस इक्विपमेंट को खोलते समय इक्विपमेंट को नुकशान न हो उसका ध्यान रखना चाहिए
स्टोरेज [ STORAGE ]
बहुत से किस्सों में देखा जाये तो साधन उतारने के बाद तुरंत ही उसका फाउंडेशन नहीं किया जाता
बल्कि साधन को उतारकर रखा जाता है
इसलिए उसका सही ढंग से स्टोर करके रखना बेहद जरूरी है
स्टोरेज की जगह स्वच्छ, धुल , नमी , स्मोक रहित होना चाहिए
स्टोरेज की जगह में हवामान होना जरूरी है इस प्रकार के साधनो में ट्रांसफार्मर , स्विच गियर और मोटर
के लिए स्टोरेज के लिए अलग से चर्चा करेंगे
इलेक्ट्रिकल मशीन का एलाइनमेंट [ ALIGNMENT OF ELECTRICALC MACHINE ]
रोटेटिंग इलेक्ट्रिकल मशीन में सामान्य रूप से एक ड्राइविंग मशीन होती है और दूसरी ड्रिवेन मशीन होती है
इसलिए दोनों मशीनों को जोड़ने में आता है
इसलिए दोनों मशीनों का शाफ़्ट सीधी और एक ही रेखा में होना चाहिए
इस तरह इसे एलाइनमेंट [ ALIGNMENT ] कहते है
यहाँ पर फाउंडेशन के समय ही हम एलाइनमेंट किस तरह से किया जाता है वो सीखेंगे
दो मशीनो के शाफ़्ट का एलाइनमेंट करने लिए नीचे दर्शाये गए कार्य किये जाते है
[1] सबसे पहले दोनों साधनो को फाउंडेशन पर रखा है और नट बोल्ट को ढीला रखा जाता है
[2] दोनों मशीनों को एक ही दिशा में सीधा और एक लाइन में रखा जाता है
[3] दोनों मशीनो के शाफ़्ट को वर्टीकल प्लेन में एक ही लाइन में रखा जाता है
[4] मशीन को दूसरे मशीन की लेवल और उसके बाजुओं को परीक्षण करके सेंट्रिंग किया जाता है
[5] अब एक बार और चेक कर ले की दोनों मशीनो की शाफ़्ट एक एक लाइन में है या नहीं उसे चेक करे
[6] अब ढीले किये गए नट बोल्ट को टाइट करे
इस तरह मशीन का फाउंडेशन करते समय एलाइनमेंट को सही किया जाता है

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